प्रेम की माटी जब प्रेम से सींची जाए, तब प्रेम अंकुरित हो प्रेम वृक्ष बन जाए, और प प्रेम की माटी जब प्रेम से सींची जाए, तब प्रेम अंकुरित हो प्रेम वृक्ष...
बो देती हूं कुछ "बीज" .."शब्दों" के ! बो देती हूं कुछ "बीज" .."शब्दों" के !
मिलते ही तुमसे नज़रें अरमानों में कुछ एसा सैलाब उठा, शरारती तेरी आँखों की अठखेलियो मिलते ही तुमसे नज़रें अरमानों में कुछ एसा सैलाब उठा, शरारती तेरी आँखों की...
अब न कोई आस बची है, अब न कोई प्यास बची, जीने की चिंगारी बुझी है, अब न कोई आग बची, अब न कोई आस बची है, अब न कोई प्यास बची, जीने की चिंगारी बुझी है, अब न क...
तन्हा अब जीने लगा हूं आंसू अब पीने लगा हूं, तन्हा अब जीने लगा हूं आंसू अब पीने लगा हूं,
मधुर मिलन होने को है, खड़ी शोभा सकुचाने लगी है। लौकिक छटा निहारे अंबर, अब तो धरती मधुर मिलन होने को है, खड़ी शोभा सकुचाने लगी है। लौकिक छटा निहारे अंबर, ...